खुशखबरी :भारत को एक और अंतर्रा’ष्ट्रीय एयर’पोर्ट का शानदार तोहफा, विदेश से घर होगा आसान

गौतमबुद्धनगर में जेवर के पास बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के बिड डाक्यूमेंट में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर कर दिया है। इस एयरपोर्ट का पहला रन-वे 2023 से चालू होगा। विमानों की उड़ानें भी शुरू कर दी जाएंगी। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में किया जाएगा है इस पर काम तेजी से चल रहा है। इसके निर्माण कार्य के लिए यमुना एक्सप्रेसवे अथोरिटी को यूपी सरकार ने नोडल एजेंसी बनाया है। जेवर एयरपोर्ट से नोएडा की दूरी करीब 56 किलोमीटर है। इस एयरपोर्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया जा रहा है। 2022 तक इस एयरपोर्ट के पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।

 

इस इंटरनैशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पहले चरण में रोही, पारोही, रन्हेरा, बनवारीबास, दयानतपुर और किशोरपुर की 1334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने किसानों को 2094 करोड़ रुपये का मुआवजा बांट दिया है। 745 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा ले लिया गया है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गौतम बुद्ध नगर में बनने वाले जेवर हवाई अड्डे के लिए ग्रामसभा और राज्य सरकार की जमीन नागरिक उड्डयन विभाग को मुफ्त देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय के बारे में संवाददाताओं को जानकारी दी।

उन्होंने बताया, ‘बैठक में जेवर हवाई अड्डे के लिए नागरिक उड्डयन विभाग को ग्रामसभा की 59.79 हेक्टेयर और राज्य सरकार के स्वामित्व वाली 21.36 हेक्टेयर जमीन मुफ्त देने का फैसला किया गया है।’ उन्होंने बताया, ‘पहले चरण में इस हवाई अड्डे का विस्तार 1334 हेक्टयर क्षेत्र में किया जाएगा और इसके वर्ष 2023 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट की सालाना क्षमता करीब 50 लाख होगी जबकि पूर्ण रुप से अगले 30 सालों में विस्तार के बाद इसकी क्षमता करीब 6 करोड़ सालाना होगी।

 

जेवर एयरपोर्ट की दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट से दूरी करीब 72 किलोमीटर है। यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए जेवर एयरपोर्ट देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ेगा। यूपी सरकार 1 अक्टूबर 2018 को इसकी नींव रखने की योजना बना रही है। जेवर एयरपोर्ट के लिए 5 हजार हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया जा चुका है। जेवर एयरपोर्ट को बनाने के लिए बोलियां 2018 अंत तक आमंत्रित करने की योजना है।

 

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए चयनित सलाहकार प्राइस वाटर कूपर्स (पीडब्ल्यूसी)द्वारा तैयार बिड डाक्यूमेंट में जरूरी संशोधन को मंजूर करने की जानकारी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने दी है। बिड डाक्यूमेंट के लिए आए तकनीकी सुझावों को शामिल किया गया है। अन्य फैसलों के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। एयरपोर्ट के लिए तकनीकी बिड छह नवंबर को खुलेगा। इसके बाद फाइनेंसियल बिड खुलेगा। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 19 कंपनियां आगे आई हैं।

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