खुशखबरी : बिहार मेट्रो DMRC से करार पर मुहर, जारी हुआ ताज़ा अपडेट रुट और समय

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में बुधवार शाम पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन संग करार हो गया। पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन के सीएमडी चैतन्य प्रसाद और डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह ने करार पर हस्ताक्षर किए। अब डीएमआरसी विधिवत रूप से प्रोजेक्ट का काम शुरू करेगा। दोनों कॉरीडोर के अलाइनमेंट का ड्रोन सर्वे और पिलर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। तीन साल में प्रायोरिटी कॉरीडोर और सितंबर 2024 तक मेट्रो के दोनों कॉरीडोर का काम पूरा कर लिया जाएगा। करार पर प्रसन्नता जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की सफलता के लिए शुभकामनाएं देने के साथ ही तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए।
 
कागजों से निकलकर अब पटना मेट्रो रेल प्रोजक्ट जमीन पर उतरेगा। इस प्रोजेक्ट का 17 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया था। जबकि डीएमआरसी से निर्माण कार्य कराने के फैसले पर राज्य कैबिनेट ने तीन सितंबर को मुहर लगाई थी। करार के संबंध में बुधवार को कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव संजय कुमार ने जानकारी दी। पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को ईको फ्रेंडली बनाया जाएगा। सभी स्टेशन और डिपो के भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में बनाया जाएगा। मेट्रो के पूरे रूट पर हरियाली दिखेगी। सभी भवनों पर सोलर पैनल का प्रयोग होगा।

इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए डीएमआरसी यहां परियोजना निदेशक के नेतृत्व में कार्यालय स्थापित करेगा। मेट्रो संबंधी सारी निविदाएं डीएमआरसी ही करेगा। राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट के अनुश्रवण के लिए प्राधिकृत समिति का गठन किया है। जबकि प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन द्वारा की जाएगी। दोनों कंपनियों के बीच करार के दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सहित पीएमआरसीएल और डीएमआरसी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
 
करार के बाद अब डीएमआरसी मेट्रो प्रोजेक्ट का काम शुरू करेगा। अब उसके सामने पहली चुनौती प्रायोरिटी कॉरीडोर में रूट परिवर्तन के विकल्प की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करना। उसी के आधार पर डीपीआर में बदलाव होगा। प्रायोरिटी कॉरीडोर राजेंद्र नगर से न्यू आईएसबीटी के बीच प्रस्तावित है। करीब सात किलोमीटर के इस हिस्से में अब मेट्रो एलीवेटेड गुजरेगी। दूसरी बड़ी चुनौती जमीन अधिग्रहण की है। प्रायोरिटी कॉरीडोर के लिए बाकी जगह जमीन भले अधिग्रहीत न करनी पड़े लेकिन न्यूआईएसबीटी के निकट डिपो के लिए 12.5 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण करना होगा।

डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह ने दोपहर को पहले पटना स्टेशन से न्यू आईएसबीटी के बीच प्रस्तावित नार्थ-साउथ कॉरीडोर और शाम को करार के बाद ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर में मेट्रो का अलाइनमेंट देखा। पटना मेट्रो फैक्ट फाइल: 31.39 किलोमीटर के हैं पटना मेट्रो के दो स्वीकृत कॉरीडोर। 16.94 किमी. लंबा है दानापुर से मीठापुर के बीच ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर। 14.45 किमी. है पटना स्टेशन से न्यू आईएसबीटी के बीच नार्थ-साउथ कॉरीडोर। 13365.77 करोड़ है पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत। 20-20 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी केंद्र-राज्य की, 60 प्रतिशत राज्य लेगा जायका से कर्ज, 482.87 करोड़ दी जाएगी प्रोजेक्ट निर्माण के लिए डीएमआरसी को फीस। 2024 सितंबर तक पूरा करना होगा डीएमआरसी को दोनों कॉरीडोर का काम।

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