सऊदी अरामको को लेकर अधिकारी अमीन नासिर का बड़ा ऐ'लान साथ साथ पुरे विश्व को खुशखबरी

सऊदी अरब की सऊदी अरामको कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीन नासिर ने शनिवार को कहा कि प्लांट पर ड्रोन से जो हमला किया गया था वो उसे ठीक कर चुके हैं। प्लांट में जो नुकसान हुआ था उसको ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया जिसका नतीजा ये रहा है कि हम इतनी जल्दी खराब हुई चीजों को ठीक करने में कामयाब हुए।
 
उन्होंने कहा कि सऊदी अरामको कंपनी अब सुरक्षा के मामले में पहले से अधिक मजबूत हुई है। ये कर्मचारियों का आत्मविश्वास और मेहनत ही थी जिसकी बदौलत हम इतनी जल्दी नुकसान को ठीक करने में कामयाब हो पाए। विद्रोहियों ने तेल कंपनी पर 14 हमले किए थे जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। तड़के 4 बजे किए गए विस्फोट से दो प्लांट से तेल का उत्पादन रुक गया था।

ड्रोन हमला होने के बाद से ही कंपनी के अधिकारी इस नुकसान को ठीक करने के लिए लग गए थे, पहले ये कहा गया था कि ये नुकसान 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और उससे उत्पादन शुरू हो जाएगा। कंपनी की ओर से अधिक से अधिक लोगों को लगाकर इस नुकसान को ठीक किया गया। कुछ दिनों में तेल का उत्पादन भी शुरु हो जाएगा और सप्लाई नार्मल हो जाएगी। इसी के साथ उन्होंने ये संदेश भी दिया कि सऊदी का राष्ट्रीय दिवस 23 सितंबर को मनाया जाएगा।
 
ड्रोन हमलों का निशाना बनी अबकैक की तेल रिफाइनरी में प्रतिदिन 70 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन होता है। अरामको के अनुसार ये दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का स्टैबिलाइजेशन प्लांट है। वर्ष 2006 में भी इस संयंत्र पर अलकायदा ने आत्मघाती हमला करने का प्रयास किया था, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया था। ड्रोन हमले का दूसरा शिकार बना खुरैस संयंत्र, गावर के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट है। इसकी शुरूआत 2009 में हुई थी। इस संयंत्र से भी प्रतिदिन 15 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन किया जाता है। साथ ही यहां करीब 20 अरब बैरल से ज्यादा तेल रिजर्व में मौजूद है।

बीबीसी के अनुसार वर्ष 2018 में अरामको की कमाई 111 अरब डॉलर थी। पिछले वर्ष अरामको ने सऊदी अरब सरकार को 160 अरब डॉलर का राजस्व दिया था। अरामको के पास दुनिया के कुछ सबसे बड़े तेल भंडार वाले क्षेत्र हैं और कंपनी को ये तेल भंडार बहुत कम कीमत पर मिले हैं। इस कंपनी की स्थापना अमरीकी तेल कंपनी ने की थी। अरामको का मतलब है ‘अरबी अमरीकन ऑयल कंपनी’। 1970 के दशक में सऊदी अरब ने इस कंपनी का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। सऊदी के क्राउन प्रिंस सलमान अरामको को दो ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनाना चाहते हैं। फिलहाल ये कंपनी एक से डेढ़ ट्रिलियन डॉलर के बीच है।

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