सउदी पर ईरान का हमला! अमीरिकी सेना उतरना पड़ा भारी, किसी भी वक़्त आधिकारिक घोषणा की तैयारी

 सऊदी में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाए जाने की घोषणा पर ईरान भड़क गया है। उसने धमकी दी है कि अगर उस पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो वह हमला करने वाले देश को तबाह कर देगा। बताते चलें कि सऊदी की सरकारी तेल कंपनी आरामको पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने वहां अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ाने की घोषणा की है। सऊदी पर हुए हमले के पीछे अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जिसके बाद खाड़ी में तनाव बढ़ गया है।

Saudi defence ministry spokesman Colonel Turki Al-Malik talks during a news conference, where remains of the missiles which Saudi government says were used to attack an Aramco oil facility, are displayed, in Riyadh, Saudi Arabia September 18, 2019. REUTERS/Hamad I Mohammed

 

हालांकि, हमले की जिम्मेदारी यमन में सक्रिय हौती विद्रोहियों ने ली है। मगर, अमेरिका का कहना है कि हौती विद्रोहियों ने हमले को अंजाम दिया है, लेकिन इसमें इस्तेमाल की गई क्रूज मिसाइल ईरान की है और यह युद्ध का काम है। शुक्रवार को विद्रोहियों ने कहा कि वह सऊदी पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोक रहे हैं। हौती की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख माहदी अल-मशात ने कहा कि समूह सऊदी की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया का इंताजार कर रहा है।

 

 

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब की वायु और मिसाइल रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजने को मंजूरी दे दी है। यह कदम एक हफ्ते पहले सऊदी की तेल कंपनी आरामको के दो संयंत्रों पर हुए ड्रोन हमले के बाद उठाया गया है। अमेरिका और सऊदी ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि तेहरान का कहना है कि उसका इसमें कोई हाथ नहीं है।

 

सऊदी में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की घोषणा के बाद ईरान के विशिष्ट सुरक्षा बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी ने शनिवार को कहा, सावधान रहें। सीमित आक्रमण सीमित नहीं रहेगा। हम हमलावर का तब तक पीछा करेंगे, जब तक कि हम उसे बर्बाद नहीं कर देंगे। जबकि ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावेद जरीफ ने ट्वीट कर कहा- अगर किसी ने हमारी सीमा लांघी, तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

 

 

अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने शुक्रवार को अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का एलान करते हुए कहा- सऊदी अरब के आग्रह पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी बलों की तैनाती को मंजूरी दी है। वे सुरक्षा के लिए तैनात होंगे। इस बारे में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी आग्रह किया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कितनी संख्या में अमेरिकी सैनिक भेजे जाएंगे।

 

अमेरिका ने ईरान की ओर से होने वाले किसी भी तरह के हमले से निपटने के लिए पश्चिम एशिया में अपने विमानवाहक पोत और कई युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। इस क्षेत्र में उसने अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा दी है। अमेरिका ने बमवर्षक विमान भी तैनात कर रखे हैं।

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