भागलपुर में इधर माँ ने किया जीतिया और उधर बेटे ने लगायी फाँ’सी, मौक़े पर मचा कोहराम

मैट्रिक परीक्षार्थी विवेक राज उर्फ दर्पण के सुसाइड मामले में परिजनों का कहना है कि उसकी मौत का कोई दूसरा कारण नहीं है। आरंभिक जांच में पुलिस ने प्रेम-प्रसंग का शक जताया था। शिवपुरी कॉलोनी में विवेक के बड़े पापा, चाचा, बुअा व अन्य परिजन भी रहते हैं। चाचा अजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, दोपहर एक बजे विवेक ने बुअा के घर जितिया का प्रसाद खाया। फिर अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद कुछ दोस्त विवेक से मिलने अाए थे।

 

 

लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था, इस कारण अावाज देने के बाद भी गेट नहीं खोला। दोस्त ने छत पर जाकर कमरे में झांका तो भीतर विवेक ने फांसी लगा लिया था। इसके बाद दोस्तों ने शोच मचाया कि विवेक ने अात्महत्या कर लिया है। तब अासपास रहने वाले परिजनों को घटना की जानकारी मिली अौर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही विवेक के सारे दोस्त वहां से फरार हो गए। फुफेरे भाई के मुताबिक, विवेक ने अपना एक छोटा मोबाइल दस दिन पहले ही बेच दिया था। जबकि दूसरा मोबाइल पुलिस ने घटनास्थल से क्षतिग्रस्त हालत में बरामद किया है, जिसमें सिम नहीं है। यह मोबाइल काफी पुराना है।

 

पुलिस के पहुंचने से पहले विवेक के दोस्त फरार हो गए थे

जिन दोस्तों ने विवेक के अात्महत्या करने की जानकारी सबसे पहले अासपास रहने वाले परिजनों को दी, वे दोस्त कौन थे, यह परिजन नहीं बता पा रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, रोजाना विवेक के कमरे में उसके कई दोस्तों का अाना-जाना लगा रहता था, लेकिन वे लोग किसी का नाम नहीं जानते हैं। परिजनों ने सवाल उठाया है कि पुलिस के अाने से पहले वे सारे दोस्त क्यों फरार हो गए, जिन्होंने कमरे में झांक कर देखा था कि विवेक ने फांसी लगा ली है।

एक दिन पहले मां अाई थी मिलने, दवा लेकर गई थी बांका

परिजनों ने बताया कि शनिवार की विवेक की मां सुधा सिन्हा बेटे से मिलने भागलपुर अाई थी। बेटे से मिलकर महिला गांव लौट गई। विवेक की मां अपने कैंसर पीड़ित पति के लिए दवा लेने भागलपुर अाई थी। उस समय भी विवेक ने मां से एंड्रायड फोन मांगा था। लेकिन शनिवार को सबकुछ ठीक-ठाक था। विवेक दो भाइयों में छोटा है। उसका एक

 

 

 

हमलोगों के अाने से पहले लाश उठी तो सबको फंसा देंगे : परिजन

फंदे से लाश को उतार कर पुलिस उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजना चाह रही थी, ताकि रविवार को ही लाश का पोस्टमार्टम हो सके। लेकिन बांका में रहने वाले मृतक के परिजनों ने शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले रिश्तेदारों को फोन कर धमकी दिया कि हमलोगों के अाने से पहले लाश उठा तो सबको केस में फंसा देंगे। यह सुन कर पुलिस अौर परिजनों ने लाश नहीं उठाया। बांका से परिजन अाए तो लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

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