तेल ह’म’लों को भुला नहीं पा रहा सऊदी, कर सकता है बड़ी कार्रवाई, छिड़ सकती है खाड़ी में युद्ध?

सऊदी अरब अरामको तेल ह’म’ले को भुला नहीं पा रहा है। क्योंकि अब सऊदी ने ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर कार्रवाई की मांग कर दी है। सऊदी अरब पर ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने हमला किया था। उसके बाद से सऊदी मामले की जांच में लगा हुआ था, जबकि अब सऊदी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। साथ ही सबूतों को भी इकट्ठा कर लिया है। जिसे वो यूनाइटेड नेशन में पेश कर सकता है। ईरान पर ठोस कार्रवाई के लिए सऊदी अरब इस सप्ताह न्यूयॉर्क में एक वैश्विक सभा में एक मामला बनाने की कोशिश करेगा।

जानकारों का कहना है की ईरान और हूती विद्रोहियों का रवैया देख सऊदी काफी खफा है, जबकि अमेरिका भी ईरान से खुश नहीं है। दुनिया के सबसे बड़े तेल संयंत्र में अरामको में हुए ह’म’ले के बाद सऊदी स’ख्त हो गया है, उसने हिदायत भी दी थी कि सऊदी खुद पर हमले करने वालों की को मुं’ह’तो’ड़ ज’वा’ब देगा, साथ ही सऊदी अपनी रक्षा करने में भी सक्षम है।

हालांकि सऊदी को इस मामले में और भी खाड़ी देशों का समर्थन मिल रहा है, जैसे कि यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत और ओमान सऊदी अरब के साथ हैं। इसके अलावा भी अमेरिका ने भी सऊदी अरब का साथ देने का वादा किया है। UAE और सऊदी की मांग पर अमेरिका ने अपने सैनिकों को इन दोनों देशों में भेजने का फैसला भी किया है ताकि तेल उत्पादक कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था की और भी पुख्ता की जाए।

कुछ जानकारों का यह कहना है यूएन में अगर सऊदी यह साबित कर पाता है कि ईरान ने उसके तेल संयंत्रों पर हमरा करवाया था तो तमाम बड़े देश ईरान पर दबाव बना सकते है। जबकि कुछ यह भी मान रहे हैं कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर सऊदी अपने अन्य सहयोगियों देशों के साथ मिलकर ईरान पर ह’म’ला भी कर सकता है। जिसके बाद खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति उतपन्न हो सकती है।

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