खुशखबरी : गोरखपुर में इस दिन दहा’ड़ेंगे बब्बर शेर, 20 से ज्यादा अधिकारी मिलकर गुजरात से लाएंगे

गुजरात के जूनागढ़ शक्करबाग प्राणि उद्यान से आज 2 नर और 5 मादा बब्बर शेर उत्तर प्रदेश एवं गुजरात के अधिकारियों के साथ इटॉवा लॉयन सफारी से रवाना हो जाएंगे। शहीद अशफाक उल्ला खॉ राजकीय प्राणी उद्यान गोरखपुर एवं इटावा लॉयन सफारी के 20 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों का दल रविवार को ही जूनागढ़ पहुंच गया। सोमवार को यह दल सुबह 6 बजे रवाना होगा और 26 सितंबर की सुबह इटावा लॉयन सफारी पहुंचेगा। लाए जा रहे इन बब्बर शेरों के दल में गोरखपुर के प्राणि उद्यान में आने वाले 01 नर और 02 मादा बब्बर शेर भी शामिल हैं।

 

शहीद अशफाक उल्ला खॉ राजकीय प्राणी उद्यान गोरखपुर अभी निर्माणाधीन है। निर्माण पूर्ण होने तक जूनागढ़ से गोरखपुर के लिए लाए गए बब्बर शेर इटावा लॉयन सफारी में ही रहेंगे, जहां उन्हें प्राणी उद्यान के माहौल में रहने का अभ्यस्त बनाया जाएगा। इसके लिए ब्रीडिंग सेंटर और अन्य जरुरी स्थल भी तैयार किए गए हैं, जहां इन शेरों को रखा जाना है। सफारी में तैनात कीपर पहले भी जूनागढ़ जाकर इन शेरों के साथ रह कर उनके संबंध में व्यवहारिक जानकारी एवं अनुभव ले चुकें हैं।

जूनागढ़ पहुंचे अधिकारियों के दल में गोरखपुर शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान के सहायक वन संरक्षक संजय कुमार मल्ल, क्षेत्रीय वन अधिकारी सुनील कुमार, वन दरोगा चंद्रभूषण पासवान, लेखा लिपिक राजीव कुमार श्रीवास्तव, वन रक्षक नीरज सिंह शामिल हैं। इसके अलावा इटावा लॉयन सफारी के रेंज आफिसर विनीत सक्सेना, डॉ गौरव श्रीवास्वत,डॉ पीके वर्मा, बायोलाजिस्ट आरबी उत्तम के साथ कीपर भी शामिल हैं।

 

अधिकारियों का दल जूनागढ़ से सोमवार की शाम 6 बजे चल कर मंगलवार की सुबह 6 बजे उदयपुर चिड़ियाघर पहुंचेगा। यहां दिन भर विश्राम कर मंगलवार की शाम 6 बजे पुन: प्रस्थान कर बुधवार की सुबह जयपुर पहुंचेगा। बुधवार की शाम पुन: प्रस्थान कर गुरुवार की सुबह इटावा लॉयन सफारी पहुंच जाएगा। दल और दल में शामिल बब्बर शेरों के मद्देनजर दोनों चिड़ियाघर में जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

इटावा लॉयन सफारी में 6 शावक और 5 शेर शेरनी मौजूद हैं। गुजरात से 7 शेर-शेरनी के आने से इनकी संख्या 18 हो जाएगी। इनमें से 3 गोरखपुर आ जाएंगे तो भी इटावा लॉयन सफारी में इनकी संख्या 15 हो जाएगी। सफारी में 6 शावकों को शेरनी जेसिका ने सफारी में ही जन्म दिया था। 29 अप्रैल को गोरखपुर एवं इटॉवा के अधिकारियों का दल जूनागढ़ सड़क मार्ग से बब्बर शेरों को लाने के लिए रवाना हुआ था। लेकिन जब दल अजमेर पहुंचा तो तापमान देख कर बब्बर शेरों की सुरक्षा के मद्देनजर शेरों को लाने का इरादा बदल लौट आए।

 

इसके बाद प्रदेश सरकार ने सेना के जहाज से लाने के लिए पूरा प्रस्ताव बना कर शासन के जरिए केंद्र सरकार को मई माह में भेजा था। लेकिन इस प्रक्रिया में काफी खर्च आ रहा था। ‘‘शेरों को गुजरात से राजस्थान के रास्ते इटावा लाया जाएगा। सफारी में इन शेरों को सुरक्षित रखे जाने की सभी तैयारियां पूरी हैं। जयपुर और उदयपुर चिड़ियाघरों में शेरों के साथ दल का ठहराव होगा। दोनों चिड़ियाघरों में इसके लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। एनके जानू, निदेशक, शहीद अशफाक उल्ला खॉ राजकीय प्राणी उद्यान गोरखपुर

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