अभी अभी मोदी ने दिया देश को सबसे बड़ा तोहफ़ा, अमेरिका पहुँचते ही किया दुनिया भर में बड़ा ऐलान

अमेरिका दौरे पर गए पीएम मोदी का ह्यूस्टन में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान एयरपोर्ट पर PM मोदी की सादगी और सहजता का एक खास नजारा दिखा। अमेरिकी अधिकारी ने स्वागत के लिए PM को बुके दिया तो उसमें से एक फूल की डाली नीचे गिर गई। फूल गिर जाने पर पीएम मोदी की नजर गई तो उन्होंने झुककर खुद ही फूल उठाया और फिर सैन्य अधिकारी से हाथ मिलाया।

 

दरअसल पीएममोदी उन के स्वागत के लिए मौजूद भारतीय रक्षा अधिकारियों से हाथ मिला रहे थे, तभी उनकी नजर नीचे फूल पर पड़ी। पीएम मोदी ने खुद झुककर उसे उठाया। उनकी इस सादगी और सहजता का अमेरिका कायल हो गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर और अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्ष वर्धन भी मौजूद थे। पीएम आज एनर्जी सेक्टर के सीईओ के साथ बैठक और हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

 

अमेरिकी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स पर काम करने वाली यूएसआईबीसी शीर्ष अमेरिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है जिनका संबंध भारत से है और वह दोनों देशों के बीच बेहतर और बड़े द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्ते की हिमायती है। बिस्वाल ने कहा कि भारत और अमेरिकी वार्ताकार इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि इस सम्मेलन के इतर कुछ ऐलान होगा।’

 

भारत की पेट्रोनेट एलएनजी ने अमेरिका की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) डेवलपर टेल्यूरियन इंक से 50 लाख टन एलएनजी के लिए लूसियाना स्थित एक सहायक कंपनी ड्रिफ्टवुड होल्डिंस में इक्विटी इनवेस्टमेंट के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

यह समझौता ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेल सेक्टर के सीईओज से मुलाकात से इतर हुआ।

साल 2016 में लॉन्च एलएनजी उद्योग की प्रमुख कंपनी शेरिफ सौकी, टेल्यूरियन एलएनजी ने अप्रैल में कंपनी के प्रस्तावित ड्रिफ्टवुड एलएनजी निर्यात टर्मिनल को बनाने का परमिट प्राप्त किया था।

 

प्रतिवर्ष 2.76 करोड़ मीट्रिक टन एलएनजी तक का उत्पादन करने के लिए ड्रिफ्टवुड एलएनजी का डिजायन बनाया गया है और इसका परमिट लिया गया है।

एमओयू के अनुसार, पेट्रोनेट ड्रिफ्टवुड होल्डिंग में निवेश करेगा जिससे पेट्रोनेट को प्रोजेक्ट के पहले चरण या दूसरे चरण से प्रतिवर्ष 50 लाख टन एलएनजी खरीदने का अधिकार मिल जाएगा। टेल्यूरियम और पेट्रोनेट का लक्ष्य समझौतों का लेनदेन 31 मार्च 2020 तक पूरा करने का होगा।

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