अभी अभी : गोरखपुर में बनवा रहे हैं अपना मकान तो पढ़िए विकाश प्राधिकरण द्रारा लगा प्रति'बंध

एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे के बाहर मकान बनवाने का इंतजार कर रहे लोगों को जल्द राहत भरी खबर मिल सकती है। जीडीए को उम्मीद है कि एयरफोर्स प्रशासन 900 मीटर तक मकान निर्माण में प्रतिबंध में ढील दे सकता है। अब इस दायरे को घटाकर 100 मीटर किया जा सकता है। इससे न सिर्फ पहले से निर्मित 3,000 मकान वैध होंगे बल्कि खाली प्लाट में मानचित्र भी स्वीकृत हो सकेगा।
 
एयरफोर्स की सहमति के बाद नये संशोधन को अक्तूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित जीडीए बोर्ड की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के 900 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध है। यही वजह है कि नंदानगर, सैनिक विहार, सैनिक कुंज आदि मोहल्लों में इस दायरे में जमीन खरीदने वाले लोगों को मकान बनाने की अनुमति नहीं मिली है। करीब 1,000 लोग ऐसे हैं जिन्होंने भू-माफियाओं के धोखे में आकर प्लाट तो खरीद लिया लेकिन मकान नहीं बनवा पा रहे हैं।

लोगों की दिक्कतों को देखते हुए प्रतिबंधित दायरे में संशोधन को लेकर जीडीए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। करीब 3,000 ऐसे भवन हैं जो अवैध की श्रेणी में हैं। नो-कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा बदलने से ये सभी मकान वैध हो सकते हैं। पिछली बार हुई जीडीए बोर्ड की बैठक में इसे रखा गया था। उसके बाद जीडीए ने मानचित्र पर उन स्थानों को चिन्हित कर एयरफोर्स को भेजा है जहां प्रतिबंध का दायरा 100 मीटर व 900 मीटर तक किया जा सकता है। जीडीए की टीम ने सर्वे कर मानचित्र एयरफोर्स प्रशासन को सौंप दिया है। यह व्यवस्था लागू हुई तो 90 फीसद क्षेत्र में केवल 100 मीटर तक ही प्रतिबंधित रह जाएगा।
 
जीडीए ने महायोजना-2021 को लेकर एयरफोर्स को पत्र लिखा है। इसमें सूचना मांगी गई है कि वे कहां तक नो कंस्ट्रक्शन जोन चाहते हैं। एयरफोर्स की सहमति के बाद जीडीए ने इसे इलाकेवार स्पष्ट करने के लिए महायोजना के मानचित्र पर कलर कर एयरफोर्स को भेजा था। जीडीए सूत्रों के मुताबिक एयरफोर्स की इस पर मौखिक सहमति मिल चुकी है। जल्द ही लिखित पत्र जारी हो जाएगा। एयरफोर्स के आसपास 900 मीटर क्षेत्र में मानचित्र स्वीकृत नहीं होता है। इस दायरे को कम करने के लिए एयरफोर्स प्रशासन से पत्राचार किया गया है। दो दिन पूर्व मौखिक सहमति की सूचना मिली है लेकिन पत्र नहीं मिला है। एयरफोर्स से राहत की उम्मीद हम कर रहे हैं। नये संशोधन पर मंजूरी मिलती है तो इसे अक्तूबर में प्रस्तावित बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। राम सिंह गौतम, सचिव

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