भारत में फिर मोदी सरकार, प्रचंड बहुमत से 5 साल और 350 से भी ज़्यादा सीट जितने पर भारी उत्साह

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ वापसी कर रही है. रुझानों के साथ ही भाजपा कार्यालय में जश्न मनाया जा रहा है. निर्वाचन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी मतगणना के रुझानों के अनुसार भाजपा जहां 292 सीटों पर आगे चल रही थी वहीं, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे थी. आयोग ने सभी 542 सीटों के रुझान जारी किये हैं. अगर मौजूदा रुझान अंतिम परिणामों में परिवर्तित हुए तो भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन में सुधार कर ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है.

 

 

2014 में भाजपा ने लोकसभा की 543 सीटों में से 282 सीटें जीती थीं. भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 2014 की 336 सीटों के मुकाबले 343 सीटों पर काबिज होता दिख रहा है. चुनाव रुझानों का बाजार ने भी स्वागत किया है. बीएसएसी सेंसेक्स ने पहली बार 40 हजार की ऊंचाई को छुआ वहीं एनएसई के निफ्टी ने 12 हजार के स्तर को पार किया. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 14 पैसे मजबूत होकर 69.51 पैसे पर रहा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – भारतीय जनता पार्टी को इतनी बड़ी विजय दिलाने के लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन . मैं देशवासियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ . ‘

 

 

मतगणना के रुझानों के आधार पर चुनाव परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, उनकी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यों और चुनाव प्रचार अभियान का नतीजा माना जा रहा है. चुनाव प्रचार राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद के इर्द-गिर्द रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार कांग्रेस पार्टी की वंशानुगत विरासत पर निशाना साधा. विपक्ष ने भाजपा पर ध्रुवीकरण और बांटने वाली राजनीति के आरोप लगाते हुए हमला बोला. मतगणना के रुझानों के अनुसार, मोदी लहर के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति ने भौगोलिक और जातीय, उम्र, लिंग जैसे समीकरणों को मात देते हुए उनका सफाया किया है. गुजरात की गांधीनगर सीट से अमित शाह 3,81482 मतों से आगे चल रहे हैं. मोदी के गृहराज्य में भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन को दोहराती हुई दिख रही है जब उसने सभी 26 सीटें जीती थी.

 

 

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में जहां समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन को एक कड़ी टक्कर के तौर पर पेश किया जा रहा था, वहां 80 लोकसभा सीटों में से 58 पर भाजपा आगे चल रही है. जबकि सपा 6 सीटों पर और बसपा 12 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है. उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से करीब 2688 मतों से पीछे चल रहे हैं. हालांकि केरल की वायनाड सीट पर राहुल गांधी एक लाख मतों से बढ़त बनाये हुए हैं. मोदी लहर ने हिंदी पट्टी और गुजरात में ही परचम नहीं लहराया है बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी पार्टी को शानदार बढ़त दिलाई है. सिर्फ केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ही अछूते दिखाई दिये हैं.

 

 

यहां तक की तेलंगाना में भी भाजपा चार सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं. यही स्थिति तेलंगाना राष्ट्र समिति की है. मतगणना के रुझानों के अनुसार, हिंदी भाषी राज्यों में भी भाजपा ने चौंकाया है. इनमें वे राज्य भी शामिल हैं जिनमें कांग्रेस ने हाल ही में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी. मध्य प्रदेश में भाजपा 29 में से 28 लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है. राजस्थान में भाजपा नीत राजग सभी 25 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. छत्तीसगढ़ में भी भाजपा 10 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाये हुए है. हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा नौ पर आगे है. ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से भाजपा छह सीटों पर जबकि बीजू जनता दल 15 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. 2014 में बीजद ने 20 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा ने एक पर जीत दर्ज की थी. बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा 16, जनता दल (यू) 16 सीट, लोजपा छह सीटों पर आगे चल रही है.

 

 

राजद एक सीट पर और कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है. झारखंड में भाजपा 10 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी पार्टी आजसू एक और कांग्रेस तीन सीटों पर आगे चल रही है. दिल्ली में भाजपा सभी सातों लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है. पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 24 पर तृणमूल कांग्रेस बढ़त बनाये हुए है जबकि भाजपा 17 पर आगे है. राज्य में वाम का सूपड़ा साफ हो गया है. तमिलनाडु में डीएमके 20 सीटों पर आगे है जबकि एआईडीएमके केवल दो सीटों पर बढ़त बनाये हुए है. केरल की 20 लोकसभा सीटों में से यूडीएफ 18 सीटों पर आगे है. मतगणना के रूझानों में बढ़त के साथ-साथ देशभर में भाजपा के दफ्तरों पर उत्सव का माहौल हो गया. ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी का इजहार शुरू कर दिया है. वर्ष 2014 में भाजपा ने 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस अपने सर्वकालिक न्यूनतम आंकड़े 44 सीटों पर सिमट गयी थी.

 

 

कांग्रेस ने 2009 में 206 सीटें जीती थी. आयोग ने देश में 4000 से अधिक मतगणना केंद्र बनाये हैं. मतगणना केंद्रों से प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम के जरिये मतगणना के रुझानों को अपडेट करेंगे. इस बीच चुनाव आयोग ने चुनाव परिणाम घोषित होने में देर होने की आशंका से बचने के लिए इस बार डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गिनती एक साथ कराने का फैसला किया है. उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में पंजीकृत 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है. लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा. यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा. मतगणना से एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट कर दिया . मंत्रालय का कहना है कि कुछ पक्षों द्वारा किए गए हिंसा भड़काने के कथित आह्वान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है

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